वृषभ राशि, राशि चक्र की दूसरी राशि, पृथ्वी तत्व और स्थिर प्रकृति (Fixed
Sign) का प्रतीक है। पृथ्वी तत्व इसकी ऊर्जा को
स्थिर,
व्यावहारिक, शांत,
संतुलित और ज़मीन से जुड़ा बनाता है। इस राशि का स्वामी
शुक्र ग्रह है, जो सौंदर्य, आनंद, भौतिक सुख, कला, संगीत, प्रेम, कोमलता, रचनात्मकता और आकर्षण का कारक माना जाता है। शुक्र ग्रह और
पृथ्वी तत्व का संयुक्त प्रभाव वृषभ राशि के जातक को धैर्य, स्थिरता, विश्वसनीयता
और गहन भावनात्मकता प्रदान करता है।
वृषभ व्यक्ति जीवन को जल्दबाजी में नहीं जीते। उनका स्वभाव धीमे लेकिन अत्यंत
निश्चित कदमों वाला होता है। वे हर कार्य को सुविचारित ढंग से करते हैं और बिना
ठोस आधार के किसी निर्णय में प्रवेश नहीं करते। इनका धैर्य जीवन की कठिन
परिस्थितियों में भी इन्हें स्थिर बनाए रखता है। इन्हें अचानक परिवर्तन पसंद नहीं
आते,
क्योंकि यह लोग उद्देश्यपूर्ण, सुरक्षित और दीर्घकालिक योजनाएँ पसंद करते हैं।
वृषभ जातक अपने विचारों, संबंधों और
निर्णयों में अडिग रहते हैं। यह वही व्यक्ति होता है, जो एक बार किसी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हो जाए, तो चाहे परिस्थितियाँ बदल जाएँ, परंतु यह अपने मार्ग पर दृढ़ रहते हैं। इनके भीतर की पृथ्वी
ऊर्जा इन्हें अत्यंत व्यावहारिक, तर्कसंगत और
वास्तविकता से जुड़ा बनाती है। जीवन में स्थिरता, शांति और उपलब्धि—ये तीन शब्द वृषभ राशि के मूल स्वभाव को सर्वोत्तम रूप में
परिभाषित करते हैं।