Wednesday, April 11, 2018

वास्तु ,वास्तुशास्त्र एवं दिशाएं


वास्तु - वास्तु संस्कृत भाषा का शब्द है । महान् विद्वान् वामन शिवराम आप्टे द्वारा रचित संस्कृत-हिन्दी शब्दकोष में वास्तु शब्द का विश्लेषण इस प्रकार बताया गया है । पुल्लिंग, नपुंसकलिंग तथा वस् धातु में तुण प्रत्यय लगकर वास्तु शब्द का निर्माण हुआ है । इसका अर्थ है - घर बनाने की जगह, भवन, भूखण्ड, स्थान, घर, आवास, निवास, भूमि । वस् धातु, तुण प्रत्यय से, नपुंसक लिंग में वास्तु शब्द की निष्पत्ति होती है।

चीन, हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैण्ड, मलेशिया आदि देशों में वास्तुशास्त्र को फेंगशुई के नाम से जाना जाता है। लेटिन भाषा में वास्तुशास्त्र को ‘जियो मेशि’ कहा जाता है । तिब्बत में वास्तुशास्त्र को बगुवातंत्र कहते हैं। अरब में इसे रेत का शास्त्र कहते हैं।

Wednesday, February 7, 2018

अंगो पर तिल के होने का महत्त्व

माथा / ललाट पर
  1. माथे के दाहिनी ओर तिल का होना धन हमेशा बढ़ता रहेगा। ऐसे लोग धनी और सुखी होते हैं। किसी भी काम को करने की अद्भुत क्षमता होती है उनमें और सोचने-समझने की शक्ति भी कमाल की होती है।
  2. ललाट के मध्य भाग में तिल का होना भाग्यवान और निर्मल प्रेम की निशानी माना जाता है। ऐसे लोग जिंदगी में काफी सफल होते हैं।
  3. माथे के बायीं ओर तिल का होना फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है।ऐसे  लोगों को पैसे की कीमत समझ नहीं आती। एक तरफ से पैसा आए तो दूसरी तरफ से उसे उड़ाने में ये कोई कसर नहीं छोड़ते।

शकुन एवं अपशकुन - कुत्ता सबंधी

  1. कुत्ता यदि अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और यह क्रिया बार-बार करे तो उस स्थान पर गड़ा धन होने की संभावना होती है।
  2. यदि यात्रा करते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पूड़ी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ लाता दिखे तो उस व्यक्ति को धन लाभ होने की संभावना बनती है।
  3.  जिसके घर में कोई कुत्ता बहुत देर तक आकाश, गोबर, मांस, विष्ठा देखता है तो उस मनुष्य को सुंदर स्त्री की प्राप्ति और धन का लाभ होने के योग बनते हैं।
  4.  यदि किसी रोगी के सामने कुत्ता अपनी पूंछ या ह्रदय स्थल बार-बार चाटे तो शकुन शास्त्र के अनुसार बहुत ही जल्दी उस रोगी की मृत्यु होने की संभावना रहती है।

शकुन एवं अपशकुन - छींक सबंधी

  1. यदि घर से निकलते समय कोई सामने से छींकता है तो कार्य में बाधा आती है, लेकिन एक से अधिक बार छींकता है तो काम आसानी से पूरा हो जाता है।
  2. व्यापार आरंभ करने से पहले छींक आना व्यापार में सफलता का सूचक है।
  3.  कोई मरीज यदि दवा ले रहा हो और छींक आ जाए तो वह शीघ्र ही ठीक हो जाता है।

अंगों के फड़कने का फल

  1. पुरुष के शरीर के दाएं भाग में फड़कता है तो उसे जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकता है। पुरुष के शरीर का अगर बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसे कोई दुखद घटना झेलनी पड़ सकती है।  जबकि महिलाओं के मामले में यह उलटा है, यानि उनके बाएं हिस्से के फड़कने में खुशखबरी और दाएं हिस्से के फड़कने पर बुरी खबर सुनाई दे सकती है।
  2. अगर व्यक्ति की दाईं आंख फड़कती है तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी सारी इच्छाएं पूरी होने वाली हैं और अगर उसकी बाईं आंख में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लेकिन अगर दाईं आंख बहुत देर या दिनों तक फड़कती है तो यह लंबी बीमारी की तरफ इशारा करता है।
  3. दाहिनी आंख का मध्य भाग फड़के तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर धन अर्जित कर लेता है। दाहिनी आंख चारो तरफ से फड़के तो व्यक्ति के रागी होने की संभावना रहती है।

शकुन एवं अपशकुन - सांप से सबंधी

  • कोई व्यक्ति यदि सफेद सांप देखता है तो यह एक शुभ शकुन माना जाता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को कार्यों में सफलता मिलती है।
  • किसी मंदिर में सांप दिखना भी शुभ माना जाता है। ऐसा होने पर व्यक्ति की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
  • शिवलिंग पर यदि सांप लिपटा हुआ दिखाई दे तो यह भी बहुत शुभ शकुन होता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
  • यदि किसी व्यक्ति को सांप पेड़ पर चढ़ता दिखाई देता है तो उसे समझ लेना चाहिए कि आने वाले समय में कुछ अच्छा होने वाला है। सामान्यत: ये एक शुभ शकुन है और धन मिलने की संभावनाओं को दर्शाता है।

Tuesday, February 6, 2018

शकुन एवं अपशकुन - गाय से सबंधी

गाय से सबंधी शकुन 

  • सफर करते समय यदि बांई ओर से गाय की आवाज सुनाई दे तो यह शुभ माना जाता है।
  • रात के समय अगर गाय हुंकार भरती या पुकारती है, तो यह ही शुभ शकुन माना जाता है।
  •  किसी को गाय आधी रात में रंभाती या रोती हुई दिखाई दे, तो सफर में डराने वाली परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • यात्रा पर जा रहे व्यक्ति को गाय अपने खुरों से जमीन खुरचती दिखाई दे तो आने वाले समय में उसे बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
  • यात्रा पर जाते समय गाय रोती हुई दिखाई दे, तो यात्री को मृत्यु के समान कष्ट होने की आशंका रहती है।
  • यात्री को गाय अपने बछड़े से मिलने के लिए रंभाती दिखाई दे, तो उसकी सभी इच्छाएं पूरी होने के योग बनते हैं।
  • जब गाय के ऊपर बहुत सारी मक्खियां बैठी हुई दिखाई दें, तो अच्छी वर्षा होने की संभावना मानी जाती है।
  • यात्रा करते समय यदि किसी व्यक्ति को दोनों ओर भैंस दिखाई दे, तो यात्री की मृत्यु होने का भय रहता है।
  • यदि किसी व्यक्ति को सांड अपनी बांई ओर से दाहिना ओर जाता हुआ दिखाई दे तो यह शुभ शकुन माना जाता है।
  •  यदि किसी व्यक्ति को यात्रा पर जाते समय सांड अपने सींग या खुर से जमीन खोदता हुआ दिखाई दे तो यह भी शुभ शकुन माना जाता है।

शकुन एवं अपशकुन - कौए से संबधी

कौए से संबधी शकुन

  •  बहुत से कौए यदि किसी नगर या गांव में एकत्रित होकर शोर करें, तो उस नगर या गांव पर भारी विपत्ति आने के योग बनते हैं। किसी के घर पर कौओं का झुंड आकर चिल्लाए तो भवन मालिक पर कई संकट एक साथ आ सकते हैं।
  • किसी व्यक्ति के ऊपर यदि कौआ आकर बैठ जाए, तो उसे धन व सम्मान की हानि हो सकती है।
  •  किसी महिला के सिर पर कौआ बैठता है, तो उसके पति को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
  •  कौआ यदि यात्रा करने वाले व्यक्ति के सामने आकर सामान्य स्वर में कांव-कांव करे और चला जाए तो कार्य सिद्धि की सूचना देता है।
  • कौआ पानी से भरे घड़े पर बैठा दिखाई दे तो धन-धान्य की वृद्धि होती है।
  •  कौआ मुंह में रोटी, मांस आदि का टुकड़ा लाता दिखाई दे, तो मन की इच्छा पूरी होती है।
  •  पेड़ पर बैठा कौआ यदि शांत स्वर में बोलता है, तो स्त्री सुख मिलता है।
  •  यदि कौआ ऊपर मुंह करके पंखों को फडफ़ड़ाता है और कर्कश स्वर में आवाज करता है तो वह मृत्यु की सूचना देता है।
  • यदि उड़ता हुआ कौआ किसी के सिर पर बीट करे, तो उसे रोग व संताप होता है और यदि हड्डी का टुकड़ा गिरा दे, तो उस व्यक्ति पर भारी संकट आ सकता है।
  •  यदि कौआ पंख फडफ़ड़ाता हुआ उग्र स्वर में बोलता है, तो यह अशुभ संकेत है।

शकुन एवं अपशकुन - उल्लू से सबंधी

उल्लू से सबंधी शकुन

  •  यदि कोई उल्लू किसी के घर पर बैठना प्रारंभ कर दे, तो वह घर शीघ्र ही उजड़ सकता है और उस घर के मालिक पर कोई विपत्ति आने की संभावना बढ़ जाती है।
  •  दक्षिण अफ्रीका में उल्लू की आवाज को मृत्युसूचक कहा जाता है।
  •  चीन में उल्लू दिखाई देने पर पड़ोसी की मृत्यु का सूचक मानते हैं।
  •  यदि उल्लू रात में यात्रा कर रहे व्यक्ति को होम-होम की आवाज करता मिले तो शुभ फल मिलता है, क्योंकि इसी प्रकार की ध्वनि यदि वह फिर करता है तो उसकी इच्छा रमण करने की होती है।
  • यदि किसी घर की छत पर बैठ कर उल्लू बोलता है तो उस घर के स्वामी अथवा परिवार के सदस्य की मृत्यु होने की संभावना रहती है।

शकुन एवं अपशकुन - छिपकली सबंधी

  • भौंह पर छिपकली गिरना -  धन हानि।
  • दाहिनी आंख पर छिपकली गिरना - किसी दोस्तत से मुलाकात होगी।
  •  बाईं आंख पर छिपकली गिरना  -  जल्द ही कोई बड़ी हानि होगी।
  • कंठ पर छिपकली गिरना - शत्रुओं का नाश होगा।
  • दाहिने कंधे पर छिपकली गिरना  -   विजय की प्राप्ति 
  •  बाएं कंधे पर  छिपकली गिरना  -   नए शत्रु बनते हैं।
  •  दाहिनी भुजा पर छिपकली गिरना  - तो धन लाभ मिलता है।
  •  बायीं भुजा पर छिपकली गिरना  -  संपत्ति छिनने की आशंका बढ़ती है। 
  • दाहिनी हथेली पर छिपकली गिरना -   कपड़े मिलते हैं। 
  • बाईं हथेली पर छिपकली गिरना -  धन की हानि होती है।
  • छाती के दाहिनी ओर छिपकली गिरना -  जल्द ही ढेर सारी खुशियां मिलती हैं जबकि बाईं ओर गिरने से घर में ज्यादा क्लेश होता है।
  •  पेट पर छिपकली गिरना - आभूषण की प्राप्ति होती है।
  •  कमर के बीच में अगर छिपकली गिरे तो आर्थिक लाभ मिलता है। पीठ पर दाहिनी ओर छिपकली गिरने से सुख मिलता है जबकि बाईं तरफ छिपकली गिरने का मतलब रोग का दस्तक देना है। पीठ पर बीच में अगर छिपकली गिरती है तो घर में कलह होती है।
  • नाभि पर छिपकली गिरने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
  • दाहिनी जांघ पर छिपकली गिरने से सुख मिलता है। वहीं बाईं जांघ पर छिपकली गिरने से दु:ख ही दु:ख यानी शारीरिक पीड़ा।
  • दाहिने घुटने पर छिपकली गिरने से यात्रा का संयोग बनेगा।
  •  बाएं घुटने पर छिपकली गिरने का मतलब बुद्धि की हानि है।
  •  दाएं पैर या दाएं एड़ी पर छिपकली गिरना यानी यात्रा से लाभ मिलता है।
  •  बाएं पैर या बाईं एड़ी पर छिपकली गिरने से बीमारी या घर में कलह होगी, दु:ख मिलेगा। दाएं पैर के तलवे पर छिपकली गिरने का मतलब ऐश्वर्य की प्राप्ति है। वहीं बाएं पैर के तलवे पर छिपकली गिरने का मतलब व्यापार में हानि होगी।
  • नए घर में प्रवेश करते समय यदि गृहस्वामी को छिपकली मरी हुई व मिट्टी लगी हुई दिखाई दे तो उसमें निवास करने वाले लोग रोगी हो सकते हैं । (इस अपशकुन से बचने के लिए पूरे विधि-विधान से पूजन करने के बाद ही नए घर में प्रवेश करना चाहिए)।
  • अगर छिपकली समागम करती मिले तो किसी पुराने मित्र से मिलना हो सकता है।
  • लड़ती दिखे तो किसी दूसरे से झगड़ा संभव है और अलग होती दिखे तो किसी प्रियजन से बिछुडऩे का दु:ख सहन करना पड़ सकता है।
  •  दिन में भोजन करते समय यदि छिपकली का बोलना सुनाई दे शीघ्र ही कोई शुभ समाचार मिल सकता है या फिर कोई शुभ फल प्राप्त हो सकता है। (हालांकि ये घटना बहुत कम होती है क्योंकि छिपकली अधिकांश रात के समय बोलती है।)
  •  छिपकली अगर माथे पर गिरती है तो संपत्ति मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
  •  छिपकली  बालों पर गिरती है, इसका मतलब मृत्यु सामने खड़ी है।
  • दाहिने कान पर छिपकली का गिरना यानी आभूषण की प्राप्ति होगी।
  •  बाएं कान पर छिपकली का गिरना यानी आयु वृद्धि।
  •  नाक पर छिपकली गिरना यानी जल्द ही भाग्योादय होगा।
  •  मुख पर छिपकली गिरना यानी मधुर भोजन की प्राप्ति होगी।
  • बाएं गाल पर छिपकली गिरना यानी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। 
  • दाहिने गाल पर छिपकली गिरना यानी आपकी उम्र बढ़ेगी।
  •  गर्दन पर छिपकली गिरने का मतलब यश की प्राप्ति होगी।
  •  दाढ़ी पर छिपकली गिरने का मतलब आपके सामने जल्दा ही कोई भयावह घटना हो सकती है।
  •  मूंछ पर छिपकली गिरना यानी सम्मापन की प्राप्ति।

शकुन एवं अपशकुन - विविध

घर  में रोजाना काम में आने वाली चीजों से भी शकुन-अपशकुन जुड़े होते हैं, जो जीवन में कई महत्वपूर्ण मोड़ लाते हैं। शकुन शुभ फल देते हैं, वहीं अपशकुन इंसान को आने वाले संकटों से सावधान करते हैं। यहाँ घर से जुड़ी वस्तुओं के शकुनों के बारे में बता रहे हैं।

दूध सबंधी शकुन

  • सुबह-सुबह दूध को देखना शुभ कहा जाता है।
  • दूध का उबलकर गिरना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति, संपत्ति, मान व वैभव की उन्नति होती है।
  • दूध का बिखर जाना अपशकुन मानते हैं, जो किसी दुर्घटना का संकेत है।
  • दूध को जान-बूझकर छलकाना अपशकुन माना जाता है , जो घर में कलह का कारण है।

Saturday, February 3, 2018

हस्त रेखा - भाग्य रेखा


भाग्य रेखा - हृदय रेखा के मध्य से शुरु होकर मणिबन्ध तक जाती है। इस रेखा का उद्गम अधिकतर मध्यमा या शनि पर्वत से होता है।
  1. यदि किसी व्यक्ति की हथेली में भाग्य रेखा कलाई के पास मणिबंध से प्रारंभ होकर शनि पर्वत तक गई हो और दोष रहित है तो व्यक्ति भाग्यशाली होता है। ऐसे लोग जीवन में सफलताएं प्राप्त करते हैं। ऐसा व्यक्ति बहुत महत्वाकांक्षी और लक्ष्य पर केन्द्रित रहने वाला होता है।
  2. यदि हथेली में भाग्य रेखा जीवन रेखा से प्रारंभ हो तो व्यक्ति खुद की मेहनत से काफी अधिक धन प्राप्त करता है।
  3. जिन लोगों की हथेली में भाग्य रेखा चंद्र क्षेत्र से प्रारंभ हुई है, वे दूसरों की मदद या प्रोत्साहन से सफलता प्राप्त करने वाले हो सकते हैं।
  4. यदि चंद्र पर्वत से निकलकर कोई अन्य रेखा भाग्य रेखा के साथ-साथ चले तो व्यक्ति की शादी अत्यंत धनी परिवार में होती है। वह व्यक्ति किसी स्त्री की मदद से सफलताएं प्राप्त करता है।
  5. यदि भाग्य रेखा हथेली को पार करते हुए मध्यमा उंगली (मिडिल फिंगर) तक जा पहुंचे तो यह अशुभ योग दर्शाती है। ऐसा व्यक्ति खुद की गलतियों से हानि उठाता है।