स्वर्गीय विजय शंकर पाण्डेय को श्रद्धांजलि
श्री गीता योग प्रकाश के माध्यम से स्वर्गीय विजय शंकर पाण्डेय ने श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को सरल, भावपूर्ण और जनसुलभ
रूप में प्रस्तुत किया। उनकी लेखनी केवल काव्य नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का माध्यम थी। यह कृति उनके ज्ञान, श्रद्धा और मानव कल्याण के प्रति समर्पण की अमूल्य धरोहर है। आज भी उनकी रचनाएँ पाठकों को कर्म, भक्ति, त्याग और आत्मबोध के पथ पर प्रेरित करती हैं। उनकी पावन स्मृति को शत-शत नमन।








